26 दिसंबर 2017 - 17:14
वाशिंग्टन पोस्ट ने बताया सऊदी प्रिंस बिन सलमान को तानाशाहों का बाप।

उसको सुझाव दिया गया है कि अगर एक मॉडर्न और खुली सोच का समाज बनाना चाहते हो तो पहले बेगुनाह कै़दियों को आज़ाद कर दो, जिसका असर महल और मनोरंजक कश्ती ख़रीदने से कहीं अधिक होगा।

अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबनाः  प्राप्त सूत्रों के अनुसार वाशिंगटन पोस्ट ने सऊदी राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान की बातचीत एवं चाल-चलन के हवाले से यह परिणाम निकाला है कि वह भी सिर्फ़ एक डिक्टेटर है।
 एक तरफ तो मोहम्मद बिन सलमान आर्थिक समानता की बातें कर रहा है और सामाजिक आजादी के नाम पर आने वाले साल जनवरी में अपने देश में सिनेमा हॉल खोलने का राग अलाप रहा है, और दूसरी ओर फ्रांस में 300 मिलियन डॉलर का लग्ज़री महल ख़रीद रहा है या एक कश्ती ख़रीदने के लिए 550 मिलियन डॉलर ख़र्च कर रहा है।
 सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि उसने 450 मिलियन डॉलर में सिर्फ़ एक पेंटिंग ख़रीदी है, यह सब क्या है और वह इतना पैसा कहां से लाया है।
वाशिंगटन पोस्ट में इसका बेहतरीन अंदाज़ में विश्लेषण करते हुए कहा कि बिन सलमान ने भ्रष्टाचार का मुक़ाबला करने का ढोंग रचाकर 159 अमीर व्यापारियों और शहज़ादों को गिरफ्तार कर लिया, हालांकि सऊदी अरब में भ्रष्टाचार  एक बहुत बड़ी मुश्किल है और जनता उससे तंग आ चुकी है लेकिन बिन सलमान से कोई उम्मीद ना रखे कि वह गिरफ्तार होने वाले उन लोगों पर करप्शन का केस अदालत में दायर करेगा और उन्हें कानून के हवाले करेगा।
 बल्कि यह उन्हें अरबों डॉलर की पेशकश देगा और कहेगा कि अगर स्वतंत्रता चाहते हो तो इतने अरब का चेक काट कर दो, जैसा कि बिन तलाल के मामले में सामने आ चुका ।
यह ऐसा व्यापार है जिसमें ना तो कोई मेहनत है और ना ही रिस्क, और उसको एक डिक्टेटर ही कर सकता है, कोई और नहीं।
 समाचार पत्र ने लिखा है कि बिन सलमान का एक वह चेहरा है जो लोगों के सामने है, और दूसरा वह चेहरा है जो उसके अंदर छुपा हुआ है।
 उसके बाद में उसको सुझाव दिया गया है कि अगर एक मॉडर्न और खुली सोच का समाज बनाना चाहते हो तो पहले बेगुनाह कै़दियों को आज़ाद कर दो, जिसका असर महल और मनोरंजक कश्ती ख़रीदने से कहीं अधिक होगा।